डिस्कवरी जीत टीवी चैनल पर परम पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज के जीवन पर आधारित टीवी सीरीज़

स्वामी रामदेव एक संघर्ष के मेगा प्रीमियर के अवसर पर विशिष्टजनों की अभिव्यक्तियाँ

डिस्कवरी जीत टीवी चैनल पर  परम पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज के जीवन पर आधारित टीवी सीरीज़

       योग आयुर्वेद, स्वदेशी और भारतीय संस्कृति, सभ्यता व संस्कार को पूरी दुनियाँ के 190 से अधिक देशों तक पहुँचाने के संकल्प के साथ 'स्वामी रामदेव : एक संघर्ष परम पूज्य स्वामी जी महाराज के तपोमय जीवन पर आधारित इस धारावाहिक के मेगा प्रीमियर के अवसर पर दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में हज़ारों कर्मयोगी तथा माननीय श्री अमित भाई शाह, श्री अरुण जेटली, श्री रविशंकर प्रसाद, डॉ. हर्षवर्धन व भाई रजत शर्मा आदि गणमान्य उपस्थित रहे। उक्त महानुभावों ने डिस्कवरी जीत की टीम को पूज्य महाराज श्री के संघर्षपूर्ण जीवन पर आधारित टीवी सीरीज प्रारम्भ करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया तथा सीरीयल की सफलता के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की। गौरतलब है कि यह धारावाहिक 12 फरवरी से सोमवार से शुक्रवार रात 8:30 बजे डिस्कवरी के नए चैनल डिस्कवरी जीत पर प्रसारित हो रहा है।
श्री अमित शाह (राष्ट्रीय अध्यक्ष- भाजपा)
स्वामी रामदेव जी महाराज के शुरूआती संघर्षपूर्ण जीवन के बारे में मुझे आज ही पता चला, लेकिन पिछले लगभग ३ दशकों से उनको संघर्ष करते हुए पूरा देश देख रहा है। स्वामी रामदेव जी ने अपने छोटे से जीवन में लगभग विस्मृत हो चुके योग एवं आयुर्वेद को एक बार फिर पूरी दुनियाँ के सामने पुन:प्रतिष्ठापित करके सबके स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण कार्य किया है। स्वदेशी के लिए पहले भी कई लोगों ने अपना जीवन लगाया है, परन्तु विकल्प देने का काम किसी ने नहीं किया। स्वामी रामदेव जी ने पतंजलि के उत्पादों के माध्यम से स्वदेशी का विकल्प देश के सामने रखा। मैं स्वामी रामदेव जी से विनती करना चाहता हूँ कि आपने योग व आयुर्वेद को गौरव के साथ दुनियाँ के सामने प्रतिष्ठापित कर दिया। अब हमारी भारतीय शिक्षा पद्धति को भी गौरव के साथ प्रतिष्ठापित कीजिए। अक्सर मार्केट में सफल हुए व्यक्ति के बारे में युनिवर्सिटी के सन्दर्भ में पूछा जाता है कि यह कहाँ का प्रोडक्ट है लेकिन आज गौरव के साथ कह सकता हूँ कि स्वामी रामदेव जी गुरुकुल और हमारी भारतीय शिक्षा पद्धति के प्रोडक्ट हैं। भारतीय शिक्षा पद्धति को आधुनिक युग के अनुकूल बनाकर आगे ले जाने की बहुत जरूरत है क्योंकि हमारे ऋषि-मुनियों ने शिक्षा पद्धति पर महत्त्वपूर्ण काम किया है जो व्यक्ति के संस्कार और सत्व को समाहित करते हुए उसे आगे बढ़ाता है। मैं मानता हूँ कि इसमें विश्व की बहुत सारी समस्याओं का समाधान है।
श्री अरुण जेटली (वित्त मंत्री, भारत सरकार)
ज स्वामी रामदेव जी महाराज को लेकर किसी न किसी प्रकार की चर्चा घर-घर में रहती है। स्वामी जी ने योग को 'मासमूवमेंटके रूप में इस देश में बढ़ाया है। जब वे भ्रष्टाचार से पीडि़त लोगों की आवाज बनकर एक आन्दोलनकर्ता के रूप में आगे आये यह समय उनकी कड़ी परीक्षा का वक्त था क्योंकि ऐसे संघर्ष का परिणाम भी कठिन ही होता है। शायद ही ऐसा कोई कानून था जिसका दुरुपयोग उस वक्त की सरकार ने नहीं किया हो। स्वामी जी ने लाखों-करोड़ों लोगों को अपने साथ खड़ा किया फिर भी सत्ता की राजनीति से अपने आपको दूर रखा और सुधार तक सीमित रखा। स्वामी जी की हमारे साथ कई बार देश के अर्थशास्त्र व कर व्यवस्था पर बहस हुई है। स्वामी जी की बहस में सबसे महत्त्वपूर्ण बात थी कि देश में बहुत अधिक कैश करेंसी है, उसे कम करना चाहिए। उस वक्त समझ में नहीं आता था लेकिन धीरे-धीरे देश के अर्थशास्त्रियों ने भी इसे स्वीकारना शुरू किया। पतंजलि ने आयुर्वेदिक दवाओं के साथ-साथ कंज्यूमर प्रोडक्ट्स को विस्तार से बड़ी से बड़ी कंपनियों के सामने खड़ा किया है और अब बड़ा कदम उठाया है कि इस व्यवसाय से आने वाले साधन को शिक्षा के क्षेत्र में लगायेंगे।
श्री रविशंकर प्रसाद (कानून मंत्री, भारत सरकार)
यह भारत भूमि एक से बढ़कर एक महापुरुषों की जननी है। कुछ महापुरुष ऐसे होते है जो पूरे देश व समाज को जगाने में अपना जीवन लगा देते हैं। स्वामी रामदेव जी महाराज ने इस देश के संस्कार, संस्कृति व ऊर्जा को जगाया है। भारत सनातन धर्म से संस्कारित देश है और योग हमारी प्राचीन परम्परा है, लेकिन योग को जनता और जनता के माध्यम से भारत व दुनियाँ में सम्मान दिलाने का जो कार्य किया है, वह अपने आप में अभूतपूर्व है। एक ओर जहाँ मोदी जी की स्वच्छता से स्वस्थ भारत की संकल्पना है वहीं स्वामी जी ने योग से स्वस्थ व समृद्ध भारत का सपना देखकर इसे आन्दोलन का रूप देकर एक स्वस्थ भारत की परम्परा स्थापित की है। स्वामी जी ने एक बात भारत को बार-बार बताई कि 'भारत की नियति है दुनियाँ की बड़ी ताकत बनना। जिस आत्मविश्वास व उत्साह के साथ वे भारत की अन्दर की ऊर्जा, संस्कृति व संस्कार को जगाते है, भारत की उद्यमशीलता को जगाते हैं, वह अपने आप में भारत की जागृति के सन्दर्भ में एक ऐतिहासिक योगदान है। डिस्कवरी चैनल के माध्यम से उनका जीवन वृत्त जब भारत व पूरी दुनियाँ में जायेगा तो भारत के इस महान् व अद्वितीय योगदान को दुनियाँ देखेगी, यह गौरव की बात है।
डॉ. हर्षवर्धन (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री भारत सरकार)
हम भारतवासियों के लिए यह गर्व और सौभाग्य की बात है कि बाबा रामदेव हमारे हैं, हमारे भारत के हैं। स्वामी जी ने योग के साथ-साथ राष्ट्र धर्म भी सिखाया है। बचपन में भी हम लोग स्वदेशी के बारे में बात करते थे, छोटी-छोटी एक्टिविटीज करते थे लेकिन सही मायने में ठोस संकल्पना पर काम करते हुए हमने किसी को देखा है तो वह बाबा रामदेव जी है। सन् २००० में जापान में आयोजित एक बैठक में दुनियाँ के चुनिन्दा १२५ लोगों ने एक मत होकर बड़े विश्वास के साथ कहा कि २१वीं शताब्दी में 'हेल्थ एण्ड वेलफेयर सिस्टम डेवलपमेंट तथा 'हेल्थ फोर ऑल के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दुनियाँ में अगर सबसे ज्यादा सकारात्मक भीतरी ऊर्जा कही से प्रतिपादित होगी तो  वह पतंजलि योग के माध्यम से होगी। मैं स्वयं आयुर्वेद का बहुत बड़ा समर्थक हूँ, मैंने स्वास्थ्य मंत्री के रूप में बाबा रामदेव जी महाराज एवं श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी को नजदीक से देखा है। उन्होंने आयुर्वेद के प्रति जिस प्रकार से कार्य करके दिखाया है, भारत के लोग हमेशा उनके ऋणी रहेंगे। डिस्कवरी के माध्यम से जिस सीरियल का प्रसारण होना है, मैं समझता हूँ कि इसका एक ही स्पष्ट और मूल उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति जो जीवन में बड़ा सपना लेकर देश, समाज में काम करना चाहता है या मूल परिवर्तन करना चाहता है तो उसके लिए जिस प्रकार की ऊर्जा और संघर्ष के साथ काम की आवश्यकता होती है वह बाबा रामदेव जी महाराज के जीवन से समझ सके।
श्री रजत शर्मा (चेयरमैन व संपादक, इण्डिया टी.वी.)
स्वामी रामदेव जी के जीवन की कुछ झलकियाँ देखकर मुझे वो दिन याद आया जब पहली बार मेरी मुलाकाल स्वामी जी से हुई थी। उस समय भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी थे, उन्होंने एपिसोड की समाप्ति पर मुझे फोन किया और विनोद में पूछा कि यह प्राणी कहाँ से लेकर आए, कौन से लोक के है ये। जब आपकी अदालत देखता हूँ तो लोग आपके सवालों पर ताली बजाते हैं, लेकिन पहली बार देख रहा हँू कि इस व्यक्ति के हर उत्तर पर लोगों ने  ताली बजाई। इससे स्वामी जी का तेजस्वी व तर्कपूर्ण व्यक्तित्व अभिव्यक्त होता है। मैंने स्वामी रामदेव जी के अलग-अलग रूप देखे हैं और आने वाले एपिसोड से आप जरूर उनका चित्रण देखेंगे। जो जीवन में विविधता देखते है, उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलता है। स्वामी रामदेव जी ने खूब लोकप्रियता हासिल की, आन्दोलन भी किये, विश्वास भी पाया लेकिन उसका इस्तेमाल लोगों की सेवा में किया। इनके नाम से आज भी कोई सम्पत्ति नहीं। ये वही पहनते है जो आज से कई साल पहले पहनते थे, जीने का वही सरल, साधारण सा तरीका है, ऐसे जीवन से हमें यही सीखने का मौका मिलता है कि हम भी अपने लिए ही न जीकर दूसरों के लिए भी कुछ करें। उन्होंने योग और आयुर्वेद का प्रचार-प्रसार दुनियाभर के देशों में कर दिखाया। स्वामी रामदेव पहले मात्र योगगुरु के रूप में जाने जाते थे लेकिन अब मैं उनमें एक मेडिकल साइंस का वह ज्ञान देखता हँू जो किसी बड़े से बड़े डॉक्टर से कम नहीं है। एक श्रेष्ठ शिक्षक, एक किसान, कृषि, पशुधन के बारे में जितना ज्ञान मैं इनमें देखता हूँ उतना एक साथ कहीं मिलना दुर्लभ है। मुझे विश्वास है कि जब इस कार्यक्रम के और एपिसोड देखेंगे तो स्वामी रामदेव के जितने भी रूप, गुण व विशेषताएं हैं उन्हें देखने का मौका मिलेगा। इतने बड़े-बड़े कार्य कर देने के बाद भी इनको अहंकार छू नहीं पाया, यह हम युवाओं को इनके जीवन से सीखना है।
श्री करण बजाज वरिष्ठ उपाध्यक्ष,डिस्कवरी कम्युनिकेशंस इंडिया
स्वामी रामदेव जी का जीवन एक मिसाल है उन्होंने पूरे देश में, पूरे विश्व में योग की क्रांति से लाखों-करोड़ों लोगों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य प्रदान किया और पतंजलि के रूप में उन्होंने बिजनेस का एक नया स्वरूप दिया, जिससे हजारो लोग प्रेरित हुए है। मेेरे लिए यह कार्य स्वामी रामदेव नामक पर्वत का बहुत छोटा सा शिखर है। आज जब हम लोग स्वामी रामदेव जी की बात करते हैं, तो ज्यादातर हम उनकी सफलता की बात करते है, परन्तु बहुत कम लोग है जो यह जानते है कि पूरी जिन्दगी में हर मोड़ पर उन्होंने बड़े संघर्ष का सामना किया और आज उसी को अपनी शक्ति बनाकर वो इस बड़े मुकाम पर पहुँचे है। डिस्कवरी जीत में 85 एपिसोड्स का शो बनाने के पीछे हमारा एक ही उद्देश्य था कि किसी भी छोटे गाँव में, हर एक छोटे शहर में, ना सिर्फ भारत में, बल्कि पूरे विश्व में जब एक बच्चा सपना देखे, चाहे मैं किसी भी अभाव में हूँ, कितनी ही कठिन चुनौतियाँ मेरे सम्मुख हों, मैं पूरे समाज को परिवर्तित कर सकता हूँ, तो उसको लगे की यह सपना साकार हो सकता है क्योंकि स्वामी रामदेव ने यह सपना साकार करके दिखाया है। पहली बार यह घटना होने जा रही है कि 190 देशों में डिजिटल प्रसारण डिस्कवरी चैनल के माध्यम से हो रहा है तथा और भी कई देशों से लगातार प्रस्ताव आ रहे हैं।
मैं शुक्रिया अदा करता हूँ पूरी डिस्कवरी टीम का जिन्होंने पूरे वर्षभर स्वामी जी के साथ तथा और भी अन्य तरीके से खोज करके सुनिश्चित किया कि यह शो वास्तविकता पर आधारित हो। 
श्रद्धेय आचार्य (बालकृष्ण जी महाराज, महामंत्री, पतंजलि योगपीठ)
यह परम सौभाग्य की बात है कि आज वेद परम्परा को पुन: स्थापित करने वाले महापुरुष महर्षि दयानन्द जी का भी जन्मदिवस है। हम महर्षि दयानन्द को स्मरण करते हुए  उनके चरणों में वंदन करते है। हमारी अध्यात्म की यात्रा का मूल महर्षि दयानन्द है, उन्हीं से प्रेरणा पाकर अथक पुरुषार्थ अनवरत संघर्ष करते हुए भी पूज्य स्वामी जी महाराज कभी थकते नहीं हैं, कभी हार नहीं मानते हैं, न तो स्वयं विश्राम लेते हैं न किसी को लेने देते हैं। इस दुनियाँ में संकल्प लेना सहज नहीं होता है और संकल्प लेकर के उसका निर्वहन करना और भी दुस्तर कार्य होता है, ऐसे दुस्तर कार्य को विरले ही महापु़रुष कर पाते हैं। यदि इतिहास और वर्तमान को देखा जाए तो मैं मानता हूँ श्रद्धेय स्वामी जी का  नाम एक अग्रणी व्यक्ति के रूप में हमेशा रहेगा। 
जब इतिहास बन रहा होता है तो बहुत लोगों को उसका बोध नहीं होता है, आज वह इतिहास बन रहा है और हमें साक्षी बनने का भी सौभाग्य मिल रहा है। आज हमें उदाहरण के रूप में एक आदर्श, एक वीर, एक क्रान्तिकारी या माँ भारती पर सर्वस्व आहूत करने वाले व्यक्तित्व की तलाश करनी हो तो नि:संदेह वह श्रद्धेय स्वामी जी के रूप में हमको दिखाई पड़ते हैं। हमारा सौभाग्य है कि हम उनसे जुड़े हुए है। उनके अभियान में अपनी आहुति देने के लिए हम तत्पर और संलग्न है। इस सौभाग्य में जीने वाले करोड़ों-करोड़ों भाई-बहन तथा जो भारतीय संस्कृति व परम्परा को आदर्श मानते हैं उनके लिए आदर्श पुरुष के रूप में श्रद्धेय स्वामी जी को देखते हुए अंत:करण में कहीं गहरी प्रसन्नता होती है।
डिस्कवरी विविध ज्ञान और विज्ञान को देश और दुनियाँ में पहुँचाता हैं, परन्तु डिस्कवरी जीत भारतीय संत परम्परा की और उस परम्परा को जीने वाले किसी व्यक्ति को दुनियाँ के कोने-कोने तक पहँुचाने का कार्य कर रहा है। यदि कोई विदेशी चैनल एक संन्यासी को पूरी दुनियाँ में पहुँचाने का संकल्प लेकर के आता है, तो मैं समझता हूँ कि यह स्वदेशी की विजय का बहुत बड़ा प्रमाण है। पहली घटना है जब किसी व्यक्तित्व के जीवन पर ८५ एपिसोड्स बनाए गए हों। इससे भारतवर्ष में अपितु दुनियाँ के विविध देशों में विभिन्न भाषाओं में पहुँचाने का प्रयास सफल होगा। ये स्वदेशी, भारतीयता, भारतीय संस्कृति, सनातन वैदिक संस्कृति की जीत है। भारतीय परम्परा, भारतीय जीवन, भारतीय दर्शन, भारतीय संन्यास परम्परा क्या होती है? इसके माध्यम से पूरी दुनियाँ जानेगी। योग और इस संघर्षमय जीवन को लोग घर बैठे पूरी दुनियाँ में देख पायेंगे। यह कार्य डिस्कवरी चैनल ने किया है, इसके लिए मैं चैनल को बधाई देता हँू और जिन पात्रों ने इस कठिन कार्य का जीवन्त निर्वहन किया है उन सभी अदाकारों को हृदय से शुभकामनाएं देता हूँ और साथ ही डिस्कवरी चैनल की पूरी टीम को भी शुभकामनाएं जिन्होंने पूरी कर्मठता से कार्य पूरा किया।
अच्छा जीवन जीना कठिन होता है लेकिन उसका अभिनय करना भी कठिन होता है तथा कठिन एवं संघर्षमय जीवन जीने वालों का अभिनय करना हो तो और भी दुस्तर होता है। ऐसे दुस्तर अभिनय को स्वरूप प्रदान करने वाले दोनों कलाकारों क्रान्तिप्रकाश झा और नमन जैन का हम हृदय से अभिनंदन करते हैं। 
परम पूज्य योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज, (संस्थापक अध्यक्ष, पतंजलि योगपीठ)
ज्ञान संवेदना और पुरुषार्थ का सामथ्र्य भगवान् का दिया हुआ है। 'ज्ञान और विश्वास से युक्त पुरुषार्थ और परमार्थएक वाक्य में मैंने जीवन का यही सत्य समझा हैं। जो लोग विवादों और विरोधों के बीच आगे बढ़ते हैं वही उनकी ताकत बन जाती है। हम जिस शिक्षा-दीक्षा के माध्यम से दीक्षित हुए है, उस भारतीय प्राचीन शिक्षा पद्धति की देश में पुन: प्रतिष्ठा हो। हम अपना पूरा समय और सामथ्र्य इस देश की शिक्षा, संस्कार और भारतीय पारम्परिक शिक्षा को पुन: प्रतिष्ठापित करने के लिए लगाएंगे। हम देश ही नहीं दुनियाँ को बदलने का सामथ्र्य रखते हैं और हम यह करके भी दिखायेंगे। मैकाले की शिक्षा पद्धति के स्थान पर भारतीय शिक्षा पद्धति की जीत का गीत देश गायेगा। संघर्ष का परिणाम सफलता है और प्रमाद का परिणाम पतन है। मैंने अपने जीवन में कृतज्ञता को सबसे अधिक महत्त्व दिया है। इस देश के लाखों-करोड़ों लोगों का साथ हमें मिला है। इसके लिए मैं हमेशा कृतज्ञ रहूँगा। मैं डिस्कवरी जीत चैनल का भी कृतज्ञता पूर्वक धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ।

Advertisment

Latest News

शाश्वत प्रज्ञा शाश्वत प्रज्ञा
जीवन का सत्य 1.  पराविद्या- मनुष्य जब ईश्वरीय सामथ्र्य अर्थात् प्रकृति या परमेश्वर प्रदत्त शक्तियों का पूरा उपयोग कर लेता...
2000  वर्ष के पूर्व के आयुर्वेद और वर्तमान समय के आयुर्वेद की कड़ी को जोडऩे का माध्यम है
जड़ी-बूटी दिवस के अवसर पर पतंजलि योगपीठ हरिद्वार में एक लाख पौधों का निशुल्क वितरण एवं वृक्षारोपण
78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पतंजलि योगपीठ में ध्वजारोहण
साक्ष्य आधारित लिवोग्रिट एक प्रभावी और सुरक्षित औषधि
प्रकृति की प्रयोगशाला में निर्मित कार्बनिक अंकुरित अमृतान्न आयु, आरोग्य जीवन को बनाता है महान
ज्ञान से रहित भावना को  ‘भक्ति’ नहीं कहते
स्वास्थ्य समाचार
मधुमेह लाइलाज नहीं है
पतंजलि विश्वविद्यालय में शल्य-तंत्र आधारित तीन दिवसीय ‘सुश्रुतकोन’ सम्मेलन का समापन