योग दिवस-2019 : महाराष्ट्र की पावन धरा से हुआ योगदिवस-2019 का महाशंखनाद
अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर संपूर्ण विश्व में सर्वाधिक योगसाधकों ने नांदेड में किया योगाभ्यास
On
भारत की पराक्रमी शौर्यपूर्ण धरा के साथ-साथ संत ज्ञानेश्वर, संत गजानन, गाडगे बाबा, संत रामदास की भूमि महाराष्ट्र में तीर्थनगरी एवं शिक्षा नगरी के रूप में नांदेड़ की अपनी एक पहचान है। यह नांदेड़ जिला महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में स्थित है, जो सिक्खों की एक प्रसिद्ध तीर्थभूमि है। जहाँ दसवीं पातशाही श्री गुरुगोविन्द सिंह जी महाराज ने अपने चरणों से इस भूमि को पावन किया है। वहाँ गोदावरी नदी के तट पर तपस्या करने वाले माधोदास को श्री गुरुजी ने बाबा बन्दा सिंह बहादुर बनाकर विदेशी आक्रांताओं से लडऩे भेजा था। यह भूमि गुरु और शिष्य परम्परा को स्थापित करने वाली और गुरु आज्ञा में सर्वस्व समर्पित करने की प्रेरणा देती है। ऐसा ही एक जीवन्त उदाहरण हमें सम्पूर्ण विश्व में योग को स्थापित करने वाले परम श्रद्धेय स्वामी जी महाराज के सान्निध्य में नांदेड़ के विश्व योग दिवस के आयोजन में देखने को मिला।
इसकी पृष्ठभूमि में यह बताना अत्यन्त महत्वपूर्ण है कि 1 लाख से अधिक संख्या के कार्यक्रम को आयोजित करने में मात्र 7 दिन का समय ही मिल पाया। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस जी ने परम श्रद्धेय योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस-21 जून, 2019 के लिए आमन्त्रित किया। तत्पश्चात् शीघ्र ही डॉ. जयदीप आर्य ने मा. मुख्यमंत्री महोदय से मिलकर विशेष बैठक की। नांदेड़ के लोकप्रिय नवनिर्वाचित सांसद माननीय खा. प्रतापराव पाटिल चिखलीकर एवं जिला प्रशासन के डी.एम. श्री अरुण डोंगरे को इस पाँचवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह को यशस्वी बनाने के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई। सम्पूर्ण जिला प्रशासन माननीय जिलाधिकारी अरुण डोंगरे जी, ष्टश्वह्र जिला परिषद-अशोक काकड़े जी तथा एस.एस.पी. श्री संजय जाधव जी, तहसीलदार-श्री किरण आम्बेकर जी के साथ-साथ शिक्षण विभाग, क्रीड़ा विभाग, सार्वजनिक क्क.ङ्ख.ष्ठ. विभाग, परिवहन विभाग आदि की अग्रणी भूमिका रही।
इसके अलावा गुरुद्वारा सचखंड हुजुरसाहब, पतंजलि के महाराष्ट्र राज्य के कार्यकत्र्ता, नांदेड़ जिला की शिक्षण संस्थाओं, धार्मिक संस्थाओं के कार्यकत्र्ता, सामाजिक संस्थाओं के स्वयंसेवियों ने अथक परिश्रम कर कार्यक्रम की सफलता को सुनिश्चित किया। डॉ. जयदीप आर्य ने एक गीत 'वक्त है कम, लम्बी मंजिल, तुम्हें तेज कदम चलना होगा’ के माध्यम से सभी का बार-बार उत्साहवर्धन किया।
डॉ. जयदीप आर्य जी ने कार्यक्रम की विशालता को ध्यान में रखते हुए सांसद महोदय से शहर के सबसे बड़े मैदान की स्वीकृति ली, जो शहर से मात्र ७ किमी. दूर असर्जन गाँव में, शिवरत्न जिवाजी महाले (मामा चौक), नांदेड़ में है। इस मैदान का क्षेत्रफल 31.744 एकड़ अर्थात् लगभग 12 लाख स्क्वायर फीट के रूप में था, उन्होंने इस मैदान का नामकरण 'योगभूमि’ कर दिया। यह काली मिट्टी का मैदान था, बारिश में कीचड़ न हो जाये इस लिए उस पर मुरम-पत्थर वाली मिट्टी डालकर 20 जे.सी.बी. एवं 10 रोड रोलर लगवाकर इस कार्य को मात्र 6 दिन में पूर्ण किया गया।
भाजपा के माननीय खा. प्रताप राव चिखलीकर और उनके टीम के सदस्यों के साथ डॉ. जयदीप आर्य एवं प्रान्तीय टीम की प्रतिदिन बैठकें हुई। केन्द्रीय युवा भारत प्रभारी भाई सचिन जी, राज्य प्रभारियों में स्वामी आनंददेव जी, बहन सुधा जी, भाई विष्णु जी, भाई शंकर जी, भाई बापू पाडलकर जी, श्रीराम जी, शोभा भागिया जी, संजीवनी ताई, ज्ञानेश्वर जी के साथ-साथ योग प्रचारकों, हरिद्वार के ब्रह्मचारी-संन्यासी भाई-बहनों ने राज्य की टीम के साथ मिलकर जिम्मेदारियों को पुरुषार्थ पूर्वक पूर्ण कर दैनिक रिपोर्टिंग की। जिला टीम के भाई अखिलखान जी, अनिल जी, बहन उर्मिला जी, शारदा जी, सीताराम जी, काले जी, डगे जी ने पूर्ण जिम्मेदारी से कार्य किया। आशीष चौधरी जी, महेश कहारे ने सोशल मीडिया तथा विनोद जी, कर्मपाल जी, व हरिद्वार से आये रिंकू जी, कोमल जी, कोयगड़े जी, श्रीरामधनवे जी, परदेशी जी व उनकी टीम ने कार्यालय, दान व्यवस्था व वाहन व्यवस्था का कार्य संभाला। महाराष्ट्र पूर्व-पश्चिम व मुम्बई के दूरदराज से आये 100 से अधिक कार्यकत्र्ताओं ने प्रचार-प्रसार, जलसेवा आदि व्यवस्थाओं को संभाला।
सचखण्ड हुजुरसाहब गुरुद्वारा में लगभग 300 कार्यकत्र्ताओं की ठहरने व भोजन की व्यवस्था 10 दिन तक चली। श्री भूपेन्द्र मन्हास जी, अध्यक्ष गुरुद्वारा प्रबन्धक समिति ने अपने दान राशि से सभी 200 से अधिक विद्यालयों के विद्यार्थियों और ग्रामीण निवासियों के लिए रिफ्रेशमेन्ट की भी व्यवस्था की। कार्यक्रम में दान संग्रह करने में श्री गोवर्धन अग्रवाल (पतंजलि मेगा स्टोर), श्री ज्योतिताई दोईफड़े, नंदनीताई, चंदा बहन एवं सानप बहन का विशेष योगदान रहा।
20 जून को नांदेड़ की जनता ने रोड शो के माध्यम से परम श्रद्धेय स्वामी जी महाराज की भव्य अगवानी की जिसमें लगभग 2 हजार मोटर साइकिल एवं 500 से अधिक 4 पहिया गाडिय़ों ने भाग लिया। सांसद प्रताप राव चिखलीकर, श्रद्धेय स्वामी जी महाराज के साथ-साथ खुली गाड़ी में थे। महिला पतंजलि योग समिति की मुख्य केन्द्रीय प्रभारी साध्वी बहन देवप्रिया जी एवं संन्यासी बहनें खुली जीप में विराजमान थीं तथा डॉ. जयदीप आर्य, डॉ. शिन्दे, सरदार अमरीक सिंह पंडरपुर की बिठुल वारी के प्रस्तुतीकरण में सबके साथ आगे मंजीरा पखावज बजाते हुए झूम रहे थे।
परम श्रद्धेय स्वामी जी महाराज के आने की खुशी ने सभी कार्यकत्र्ताओं को इतने बड़े कार्यक्रम के मानसिक दबाव व तनाव से निर्भार कर दिया था। अगली सुबह 21 जून को 4:30 बजे मैदान भर गया था, नांदेड़ की सभी सड़कें योगभूमि की ओर जा रही थीं। हमें सड़कों के किनारों पर 25-30 हजार मोटर साईकिल दिखाई दी तथा सैकड़ों बसों से योगसाधक आ रहे थे, 4 लाइन सड़क पर चलना भी मुश्किल था। सभी कार्यकर्ताओं की आँखों में एक चमक थी। १ लाख से अधिक लोगों की उपस्थिति ने पिछले कई वर्षों से निर्मित 91 हजार की योग कक्षा के पतंजलि फरीदाबाद के रिकॉर्ड को तोड़कर 'गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड’ में एक नये कीर्तिमान को स्थापित करने में नांदेड़ जिला प्रशासन एवं पतंजलि योगपीठ का यह संयुक्त प्रयास यशस्वी रहा।
इस विशाल कार्यक्रम के सफल आयोजन में महाराष्ट्र के मा. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी के साथ-साथ नांदेड़ सांसद प्रताप राव चिखलीकर जी, डी.एम. श्री अरुण डोंगरे जी, जिला प्रशासन नांदेड़, जिला परिषद सदस्या, नांदेड़- सौ. प्रणिता देवरे चिखलीकर एवं पतंजलि योग समिति के मुख्य केन्द्रीय प्रभारी डॉ. जयदीप आर्य जी का अद्वितीय योगदान रहा।
लेखक
Latest News
01 Sep 2024 17:59:05
जीवन का सत्य 1. पराविद्या- मनुष्य जब ईश्वरीय सामथ्र्य अर्थात् प्रकृति या परमेश्वर प्रदत्त शक्तियों का पूरा उपयोग कर लेता...