आयुर्वेदिक दवाओं को जल्द दिलाएंगे विश्वस्तरीय दर्जा : श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज
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यू.एन. के मंच से विश्व के दस शक्तिशाली शीर्ष विद्वानों में श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज को सम्मानित किये जाने पर पुन: स्वदेश लौटे पूज्य आचार्य जी का अनेक स्थानों पर अभिनंदन किया गया। इसी कड़ी में प्रेस क्लब हरिद्वार ने भी श्रद्धेय आचार्य जी महाराज का भव्य अभिनन्दन किया।
अपने उद्बोधन में आचार्य बालकृष्ण जी ने कहा कि अपने परिवार के बीच आकर सम्मान और प्रेम पाकर मैं अभिभूत हूँ। मीडिया का प्रेम और मार्गदर्शन ही हमारी शक्ति है। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों के लिए मुझे सम्मानित किया जा रहा है, वह टीम वर्क है। पतंजलि जनहित में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पतंजलि आयुर्वेदिक दवाओं को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाने के लिए प्रयासरत है। इसके लिए बड़े स्तर पर कार्य किया जा रहा है। पतंजलि योगपीठ को पहचान दिलवाने में हरिद्वार के पत्रकारों ने जो सहयोग प्रदान किया है, उसके लिए हम हमेशा ऋणी रहेंगे। देश की स्वास्थ्य, शिक्षा नीति पर उन्होंने बोलते हुए कहा कि विश्व में आयुर्वेद ही एकमात्र दुष्परिणाम रहित चिकित्सा पद्धति है। पतंजलि योगपीठ आयुर्वेदिक उत्पादनों में प्रामाणिकता, गुणवत्ता की हर कसौटी पर खरा उतरा है। उन्होंने शिक्षा पद्धति में बदलाव लाने के लिए भारतीय शिक्षा बोर्ड की स्थापना तथा उसे अस्तित्व में शीघ्र आने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारत की प्राचीन विद्याओं व संस्कृतियों का समावेश कर आदर्श शिक्षा पद्धति प्रतिपादित करने का प्रयास कर रहा है।
कार्यक्रम में प्रेस क्लब अध्यक्ष राजेश शर्मा की अध्यक्षता तथा पूर्व अध्यक्ष संजय आर्य के संचालन में आयोजित अभिनन्दन एवं देश की स्वास्थ्य, शिक्षा नीति पर संवाद कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए श्रद्धेय आचार्य जी का स्वागत करते हुए प्रेस क्लब के संस्थापक सदस्य श्री एस.एस. जायसवाल ने कहा कि पतंजलि योगपीठ ने आयुर्वेद एवं योग को विश्व में प्रतिष्ठित कर स्वदेशी के क्षेत्र में जो योगदान दिया है, वह प्रशंसनीय व अद्भुत कार्य है। इसका श्रेय पूज्य योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज और श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज को जाता है।
वरिष्ठ पत्रकार श्री आदेश त्यागी ने कहा कि आचार्य बालकृष्ण जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं जिन्होंने जड़ी-बूटी के शोध कार्य में अपना विशेष योगदान दिया है। वरिष्ठ पत्रकार श्री पी.एस. चौहान ने कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण है कि जिस व्यक्ति का सम्मान दुनिया कर रही है, वह हमारे ही बीच के हैं और हम उनको सम्मानित कर रहे हैं। ऋषि मुनियों ने जो कार्य आयुर्वेद और योग के क्षेत्र में किये हैं उसे आगे बढ़ाने का कार्य वर्तमान में वैज्ञानिक आधार तथा प्रामाणिकता के साथ आचार्य बालकृष्ण जी कर रहे हैं। आचार्य जी ने जिनेवा में संस्कृत में भाषण देकर भारतीय संस्कृति और संस्कृत को गौरवान्वित करने का कार्य किया हैं।
इस अवसर पर पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी महाराज को पुष्पगुच्छ, गंगाजलि, शॉल तथा प्रतीक चिन्ह भेंटकर अभिनन्दन करने में प्रमुख रूप से वरिष्ठ पत्रकार कौशल सिखौला, सुनील दत्त पाण्डेय, प्रेस क्लब के महामंत्री महेश पारिख, कोषाध्यक्ष राजकुमार, मुदित अग्रवाल, दीपक नौटियाल, राधिका नागरथ, वरिष्ठ पत्रकार विजेन्द्र हर्ष सहित अनेक वरिष्ठ पत्रकार शामिल रहे।
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